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महिला आरक्षण के लाभ व इतिहास | Women Reservation in India in Hindi

महिला आरक्षण के लाभ व इतिहास | Women Reservation in India in Hindi

महिला आरक्षण क्या है?

समाज में विभिन्न कार्य क्षेत्रों, शिक्षा और आर्थिक स्थिति में महिलाओं को उन्नत करने के लिए, महिलाओं को दिये जाने वाले विशेष अधिकार या आरक्षण को महिला आरक्षण (Women Reservation) कहते हैं। इसमें सरकार, सरकारी कार्यस्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और राजनीतिक पदों पर कुछ प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित करती है, जिस पर पुरुष अपनी दावेदारी नही कर सकते हैं।

महिला आरक्षण का इतिहास | History of Women Reservation in India

भारत में महिला आरक्षण का इतिहास बहुत अधिक पुराना नही है, सन्1926 पहली बार भारतीय विधानसभा में एक स्त्री का चुनाव कर सदस्य बनाया गया था। लेकिन उसे मत देने के अधिकार नही दिया गया था। इसके बाद सन् 1937 में महिलाओ के लिए भारतीय विधान सभा में महिलाओं के लिए सीट आरक्षित कर दी गई, जिसके फलस्वरूप 41 महिला उम्मीदवार (Female Candidates) चुनाव में उतरी। सन् 1938 में श्रीमती आर. बी.सुब्बाराव राज्य परिषद् में चुनी गई, उसके बाद सन् 1953 में श्रीमति रेणुका राय Central Legislature में प्रथम महिला सदस्य के रूप में पद संभाला। 

आजादी के बाद महिला आरक्षण (Women Reservation) के माध्यम से महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की शुरुआत सबसे पहले सन् 1996 में संयुक्त मोर्चे की सरकार के कार्यकाल में तब हुआ जब सरकार ने इस मुद्दे का बिल पारित करने के संकेत दिए। यह संकेत इस मुद्दे पर सर्व सम्मत विचार -विमर्श के उद्देश्य (Purpose) से दिया गया था। लेकिन उस समय से आज तक इस मुद्दे पर एकमत राय नहीं बन पा रही हैं।

महिला आरक्षण के लाभ व इतिहास image | Women Reservation in India in Hindi

महिला आरक्षण के लाभ | Benefits of women reservation

भारत में महिलाओं कि स्थिती अभी भी चिंता का विषय है। महिला आरक्षण से होने वाले लाभ निम्नलिखित हैं:

  1. शिक्षा में महिला आरक्षण होने से महिलाओं को फीस का भुगतान करने और दाखिले में आसानी होती है।
  2. कुछ महिलाओं को सही तरह से सुविधा नही मिल पाती है, जिसकी वजह से वो शहरी महिलाओं या समृध् परिवारों के महिलाओं से पिछड़ जाती है। आरक्षण से उन्हे भी अपनी वास्तविक प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।
  3. सरकारी नौकरी में महिलाओं को आरक्षण देने से उनकी भागीदारी बड़ेगी और एक समान समाज की उत्पति होगी। आज भी हमारा समाज पुरुष प्रधान है।
  4. यही बात राजनीति में भी लागू होती है, अगर महिलाओं को आरक्षण दिया जाए तो निसंदेह एक बेहतर भारत का निर्माण हो सकता है।

महिलाओं के लिए आरक्षण क्यों आवश्यक है?

जैसा की हम जानते है कि प्राचीन काल से ही महिलाओं को समाज में समान अवसर नही मिले हैं। महिलाओं को समान अवसर देने में आरक्षण बहुत ही कारगर है। सभी जानते हैं कि महिलाओं किसी भी कार्य को करने की अदभुत क्षमता होती है। भारतीय इतिहास में इसके बहुत से साक्ष्य मिलते हैं। जैसे कि रानी लक्ष्मीबाई, इंदिरा गांधी, मदर टेरेसा, सरोजनी नायडू, आदि। इन सभी महिलाओं में विशेष प्रतिभा थी। अगर महिलाओं को थोड़ा सा सहयोग दिया जाए तो वे किसी भी काम को पुरुषों की अपेक्षा अधिक कुशलता से कर सकती हैं।

आशा है कि आपको यह पोस्ट जरूर पसंद आया होगा। कृपया comment box में अपने सुझाव जरूर दें। 

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