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5 Necessary Steps for Women's Empowerment in India in Hindi | भारत में महिलाओं का सशक्तिकरण

5 Necessary steps for Women's Empowerment in India in Hindi | भारत में महिलाओं  का सशक्तिकरण

Women's Empowerment in India | भारत में महिलाओं  का सशक्तिकरण

देश में आज़ादी के 75 वर्ष हो चुके हैं किंतु भारत में अभी भी महिलाओं के जीवन में बहुत अधिक बदलाव नही आया है। अभी भी भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आवश्यक कदम (Necessary steps for Women's Empowerment in India) शक्ति से उठाऐ जाने की जरूरत है।

अगर हम कुछ शहरी क्षेत्रों को छोड़ दें तो महिलाओं की स्थिती चिंता जनक है। उनको अभी भी उचित कपड़े, भोजन और शिक्षा जैसी Basic चीजें नही मिल पा रही हैं। ऐसा नही है कि मेट्रो सिटीज की महिलाओं के पास समस्या नही है, बस उनको कुछ चीजों का लाभ मिल जा रहा है जैसे कि शिक्षा, रोजगार और बोलने की आज़ादी। शहर में रहने वाली महिलाओं के सामने 'सुरक्षा' एक बड़ी समस्या हैं। लेकिन इन 3 चीजों से women Empowerment हो जायेगा ऐसा नही है। भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आवश्यक नीचे दिये 5 कदम  (5 Necessary steps for Women's Empowerment in India) जरूरी है:

1. शिक्षा (Education)

शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जिस से सिर्फ मनुष्य का ही नही मानवता का भी विकास संभव है। दुर्भाग्य कि बात यह है कि अभी भी दुनिया भर में 60% से अधिक आबादी पढ़ और लिख नही सकती है। भारत में भी शिक्षा कि बहुत स्थिती अच्छी नही है। भारत का शिक्षा स्तर एशिया में सबसे कम है।

आंकड़ों के हिसाब से, भारत में अभी के समय में सिर्फ 53.7% महिलाएं ही शिक्षित हैं। उनमें से 40% लड़कियों को 14-16 वर्ष के दौरान पढ़ने से रोक दिया जाता है। वही अगर शहरों की बात करें तो शिक्षित महिलाएं 62% के लगभग हैं और गावों में सिर्फ 20% महिलाएं ही शिक्षित हैं।

यह निम्न शिक्षा स्तर ना सिर्फ महिलाओं के जीवन में बल्कि उनके  परिवारों और देश कि अर्थव्यस्था में भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। इस तरह कि परिस्थितियों में महिलाओं का विकास होना संभव नही है। उनको शिक्षित करने के लिए रूढ़िवादी समाज कि रीतियों के विपक्ष में लोगो को जागरूक करना भी जरूरी है।

2. लिंग समानता (Gender Equality)

वैसे तो Gender Equality एक वैश्विक समस्या है, भारत में यह समस्या अधिक चिंता जनक है। कहने को तो भारतीय महिलाएं हर क्षेत्र में कार्यरत हैं किंतु उनको अपने कार्यस्थल पर Discrimination का सामना कभी ना कभी जरूर करना पड़ता है। भारत के कई हिस्सों में अभी भी महिलाओं को घरों में पति के बाद खाने की अनुमति मिलती है। यहाँ तक कि पुरुषों और महिलाओं का भोजन एक ही घर में समान नही होता।

Gender Equality के लिए समाज को MCP ( Male Chauvinist Pig) से छुटकारा पाना होगा। निश्चित ही ऐसा होना कुछ वर्षो में संभव नही है। किंतु एक लगातार विरोध किसी भी सोच को खतम करने की शक्ति रखता है।

3. आरक्षण (Reservation)

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए वैसे तो सरकार समय समय पर कदम उठती रहती है, और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में आरक्षण देती रहती है। किंतु अभी भी इसके लिए एक स्थिर नियम नही है। देश में उत्तराखंड राज्य, महिलाओं को संपत्ति में अधिकार देने का कानून बनाने वाला पहला राज्य बना। इस तरह के कदम ही एक सकारात्मक प्रभाव ला सकते हैं।

4. महिला अपराध रोकथाम (Female Crime Prevention - Domestic Violence & Rape)

महिलाओं के साथ होने वाले अपराधो में प्रतिवर्ष बढ़त होती जा रही है। सभी कानून बने होने के बावज़ूद इनको रोक पाना संभव नही हो पा रहा। महिलाओं के साथ होने वाले Rape और मारपीट आज के समय में एक गंभीर समस्या है। ऐसा पाया गया है कि घरेलू हिंसा और घरेलू रेप जैसे अपराधों कि संख्या, बाहर होने वाले अपराधों से ज्यादा है। इसके लिए एक शख्त कदम उठाये जाने कि जरूरत है।

5. साईबर सुरक्षा (Online Security)

आधुनिक समय में Cyber crime एक नई और खतरनाक समस्या बनकर उभरा है। महिलाओं की व्यक्तिगत जानकारियां और सुरक्षा, Internet पर हासिये की ताक पर हैं। प्रतिदिन महिलाओं के साथ online crime के नये तरीके सामने आ रहे हैं। जहाँ एक ओर Internet को महिला सशक्तिकरण के लिए इस्तमाल किया जा रहा है वही दूसरी ओर Internet पर महिलाओं पर होने वाले अपराधों में इजाफा हो रहा है।

ये भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आवश्यक 5 कदम (5 Necessary steps for Women's Empowerment in India) हैं। जिन पर गंभीरता से काम किये जाने की जरूरत है और इनको हल करके ही महिला सशक्तिकरण किया जा सकता है। 

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